संस्थान ने अपना शताब्दी वर्ष 2019 में पूरा कर एक नवीन उत्साह के साथ एवं उत्कृष्ट शैक्षणिक व अनुसंधान के माध्यम से राष्ट्र के नव निर्माण हेतु निरंतर कार्यरत है । भारत में अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी में स्नातकीय और परास्नातकीय शिक्षा को शुरू करने एवं विस्तार देने का श्रेय काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्थापक, प्रखर शिक्षाविद् और हम सभी के आदर्श महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी को जाता है । इसी क्रम में वर्ष 1919 में भारतीय युवाओं को अभियांत्रिकी की शिक्षा देने के लिये बनारस इंजीनियरिंग कॉलेज (बेन्कों) की स्थापना हुई, तदोपरांत वर्ष 1923 में कॉलेज ऑफ माइनिंग एंड मेटलर्जी (मिनमैट) एवं वर्ष 1939 में कॉलेज ऑफ टेक्नोलाजी (टेक्नों) की स्थापना हुई । विकास के पथ पर आगे चलकर वर्ष 1968 में तीनों कालेजों के एकीकरण से प्रौद्योगिकी संस्थान- काशी हिन्दू विश्वविद्यालय बना, जिसने लगभग 40 वर्षों तक अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्र को निपुण और कुशल विद्यार्थियों की अतुलनीय संपदा से अभिसिंचित किया । यह संस्थान संसद के प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम द्वारा 29 जून, 2012 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) वाराणसी में परिवर्तित कर दिया गया । वर्तमान में यह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान परिषद की समस्त प्रक्रियाओं को लागू कर विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है ।
DSE- labs
Laboratories
Work System Engineering & Ergonomics Lab No image available
Work System Engineering & Ergonomics Lab
General Purpose
Advanced Decision Modelling Lab No image available
Advanced Decision Modelling Lab
General Purpose
Simulation Lab No image available
Simulation Lab
General Purpose
Work System Engineering & Ergonomics Lab
Work System Engineering & Ergonomics Lab No image available
Equipment includes treadmill and ergometer for work system design and human factors studies.
Advanced Decision Modelling Lab
Advanced Decision Modelling Lab No image available
Software: Gurobi, LINDO/LINGO for optimization modelling.
Simulation Lab
Simulation Lab No image available
Tools: Stella, Arena; ML stack includes TensorFlow and Keras for applied analytics.